रंग-बिरंगा केश तोहर, पुआ जैसन गाल।

खूब लगायब तोहे गोरी मल-मल के गुलाल।।

जोगीरा सारा रारा रा....।


अरे एक डाल पर तोता बोले एक डाल पर मैना।

मऊगी पीछे घूमे मरदा भर फागुन के महीना।।

जोगीरा सारा रारा रा....।


फगुआ में भौजी सब खूब करे कमाल।

बूढ़बा सीयनका सबके खूब धरे गुलाल।।

जोगीरा सारा रारा रा....।


भैयाजी को देखो कैसे भांग पी के हैं मदहोश।

पड़ोसन को समझे बीबी नहीं है इनको होश।।

जोगीरा सारा रारा रा....।


जंग लड़ने चले हैं देखो, इनके बंदूक में ना गोली।

रंग में रंग जाए दोनों, मील जाए जहां हमजोली।।

जोगीरा सारा रारा रा....।


© पुरुषोत्तम