जो किसी ने नहीं लिया, लिया मैंने

जमाने भर का गम दिया जमाने ने

तुम्हे चाहिए, तो ले जाओ शौक से

अब भी बचा कर रखा है दीवाने ने

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©पुरुषोत्तम