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इंकलाब


एक दिन जब इंकलाब आएगा,तेरे हर जुल्म का ज़वाब आएगा।

अभी मैं अकेला लड़ने आया हूंँ,खिलाफ़ तेरे तब सैलाब आएगा।

××שपुरुषोत्तम

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