जब भी तुमसे दूर जाना चाहा तुम्हारी बनावटी आंँसुओं ने मुझे रोका।इनसे कहो अपनी पकड़ ढीली कर ले मुझे घुटन हो रही है।।××שपुरुषोत्तम
जब भी तुमसे दूर जाना चाहा तुम्हारी बनावटी आंँसुओं ने मुझे रोका।इनसे कहो अपनी पकड़ ढीली कर ले मुझे घुटन हो रही है।।
××שपुरुषोत्तम