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गाँव शहर


शहर को तरक्की का आधार मान जड़-बुद्धि गांँव को करता रहा किनारा।विपदा आई तो पता चला गांँवों के नींव पर हीं तो टिका है शहर सारा।।

××שपुरुषोत्तम

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