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एक थी चिड़िया


एक थी चिड़िया और उसके पीछे चिड़ा हजारसब चिड़ा था उस अकेली चिड़िया का बीमार

कोई लाए दाना उसके खातिर कोई चुगे अनारनखरिली चिड़िया कभी न बैठी कोई एक डार

एक अतरंगा चिड़ा आया सबको किया किनारचिड़िया पंख फरफरा संग उसके हो गई फरार

×××@पुरुषोत्तम

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