होली आई है दिल में है बड़ा उमंग,
यारों का साथ होगा अपनों का संग।
आंखों में चमक है आज झूमे-नाचे गाल,
पिया परदेशी ले कर हैं आए रंग-गुलाल।
आज फिज़ा में अबीर उड़ेगा खूब खेलेंगे होड़ी,
रंगबाजों की टोली संग भर के रंग पिचकारी।
गुलाल का बादल घिर आएगा होगी बारिश रंगों की,
गुझिया का स्वाद बढ़ेगा जब चढ़ेगी मस्ती भंगों की।
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©पुरुषोत्तम


