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बेखौफ हवा


बेखौफ हवा, नदी पहाड़ मरुस्थल लांघकर आती है,सिर्फ मेरा हाल लेने बिल्कुल तुम्हारी याद की तरह।

हमेशा मेरी सांसों में एक नई ताजगी भर जाती है,बेचैन मन तृप्त कर जाती है बिल्कुल तुम्हारी तरह।××שपुरुषोत्तम

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