मन में जो है उसके मैं कह दूँ क्या

जले पर थोड़ा नमक छिड़क दूंँ क्या


मुझे पता है छोड़ कर जाना चाहती है

बात उसके मन की कर दूंँ क्या।

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©पुरुषोत्तम