दुनिया के असंख्य चेहरों में
इक तेरा चेहरा कितना सुकून भरा है न !
मुस्कान अपनी आगोश में ले,
ऑंखें थपकी करते हुए ,
होठों के बिस्तर पर ,
जुल्फों की रजाई ऊपर डाल,
गम के उलझनों को सुलझाते हुए मेरे मन को
एक नवजात शिशु की भांति सुला देती है।।

दुनिया के असंख्य चेहरों में
इक तेरा चेहरा कितना सुकून भरा है न !
मुस्कान अपनी आगोश में ले,
ऑंखें थपकी करते हुए ,
होठों के बिस्तर पर ,
जुल्फों की रजाई ऊपर डाल,
गम के उलझनों को सुलझाते हुए मेरे मन को
एक नवजात शिशु की भांति सुला देती है।।