लम्हों की खता,

सदियों की सजा !

है मुश्किल बड़ी 

राह-ए-वफ़ा !

सांसों में चुभन ,

सर्दी में जलन !

बस में नहीं 

दिल की धड़कन !

मिले तो क्या कहें ?

बिछड़ कर कैसे जीएं?

फूल चुरा लें बागों से ?

या मांग लें कुछ चाँद सितारों से ?

पर उसे क्या कोई कुछ उपहार दे !

जो स्वयं एक उपहार हो !

हो ब्रह्मा की श्रेष्ठ कृति ,

जो अप्सरा की अवतार हो।।