हम जीतेंगे
मुमकिन है राहों में
काँटे बिछाए जाएंगे
मुमकिन है आगे बढ़ो कह
पैर खींचें जाएंगे !
मुमकिन है हाथ पकड़
साथ छोड़ा जाएगा
मुमकिन है कुछ रिश्ते बना
हमे तोड़ा जाएगा ।
हम खूं की स्याही भर ,
हाथों की लकीरों में ।
किस्मतों से परे,
अपनी कहानी लिखेंगे ।
हम जीतेंगे ।।।।।


