एक बार तेरी यादों से फुरसत मिले जाए ,
फिर चैन से बैठ कर तुझे याद करना है !
एक बार तेरे ख्वाबों की गिरफ्त से बरी हो जाऊं ,
फिर खुशी-खुशी तेरी आगोश में कैद हो जाना है !
किस्मत के उस पन्ने पर जहां तेरा ज़िक्र होगा ,
उसे बस पढ़ना नहीं, महसूस करना है ।
वक़्त की आखरी दहलीज पर ,
जब सांसें भी चंद सांसों की मोहताज होंगी ,
जब तेरा एक हाथ मेरे हाथों में हो
तो दूजा मेरा सर सहला रही हो ,
तेरी आंखें मेरी आंखों को एकटक देख रही हो ,
लबों की झूठी मुस्कान आंसुओं को रोक रही हो ,
तब मुझे मेरे धड़कनों को अलविदा कहना है ।
एक बार तेरी यादों से फुरसत मिले जाए ,
फिर चैन से बैठ कर तुझे याद करना है ।


