मेरी याद आयेगी तुझे जब दूर चला जाऊंगा...

पास होकर भी ना पास आ पाऊंगा।

यादों में तो रहूंगा तेरे, बस सामने नज़र नहीं आऊंगा।

याद आएगी मेरी छोटी छोटी बातें, मेरा नाराज़ हो जाना और तेरा मनाना,

किसी बात पे, दिन हो या रात में।

दूर हो जाएगी तू मुझसे इतना, जैसे आसमान से ज़मीन हो दूर जितना।

ये जनता हूं के तू कहती नहीं है कुछ, अब भी और ना कहेगी तब भी।

मैं जानता हूं के तेरा दिल भी मेरे लिए तड़पता है, धड़कता है।

पर ये वक़्त ही तो है, जो रेत सा हाथों से सरकता है..

मेरी याद आयेगी तुझे जब दूर चला जाऊंगा...

पास होकर भी ना पास आ पाऊंगा।