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sher


मेरी बज़म में भीड़ का क्या काम ए दोस्तमेरा ज़माने से क्या राब्ताइक तू है तो महफिल जमा लेंगे हमहम तो आदिल दिलों के बस मुरीद हैं।

पूर्णिमा

बज़म - सभाराब्ता - संबंधआदिल - नेकमुरीद - अनुयायी, follower

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