आती जाती सांसों में।
तेरी यादें आती जाती है।
रहता है तू दिल मे मेरे।
मेरी धड़कन मुझे बताती है।

हर पल तुझको चाहा है।
अब चाहत तेरी सताती है।
बिन कुछ कहे ये आंखे तेरी।
अपना मुझे कह जाती है।
जब भी देखूं ना तुझको।
तो याद तेरी ही रुलाती है।

आती जाती सांसों में ...

ख्वाब मैं देखूं जब भी कोई
उसमे तू ही बस आती है।
रूह को मेरे रूह के जैसा।
तेरी चाहत ही बनाती है।
बाहों में भर लूँ आ तुझको।
एक तू ही मुझे बस भाती है।

आती जाती सांसों में.....


पुनीत अर्जुन राय