[जानिया]


दिल ने कहा तू चाँद है।

मैं चाँदनी सा तुझमे गुम।

दिल ने कहा तू राग है ।

मैं रागिनी सा मुझको सुन।


अब ना सहुँ तनहाइयाँ।

बन जाऊं मैं तेरी परछाइयां।


ओ माहिया

ओ माहिया।

तू ही है मेरी जानिया।


हर राह में ढूंढू तुझे।

मिल जाये तू यूँ ही मुझे।

भर ले जरा आगोश में।

लौटूं ना मैं फिर होश में।


कट जाएगी ये जिन्दगानिया।

अपनी भी होगी कुछ कहानियां


ओ माहिया

ओ माहिया।

तू ही है मेरी जानिया।


पुनीत अर्जुन राय


#Love