बंद कर दिया
आँखें होते हुए भी उनने सच देखना ही बंद कर दिया
बात होते हुए भी उनसे हमने सच बोलना बंद कर दिया
आसमां जितने ऊँचे ख़्वाब ही देखना बंद कर दिए
जबसे उनने एक के बाद एक प्यार के दरवाज़े ही बंद कर दिए
उन तक जाती हर राह को हमने देखना ही बंद कर दिया
जबसे उनने हमको अपना दोस्त समझना बंद कर दिया
उनके लिए हमने रोज़- रोज़ रोना बंद कर दिया
जबसे उनने हमारे ख़त पढ़ना ही बंद कर दिया
उनके ख़ातिर हमने खुद को गुनाहगार कहना बंद कर दिया
उनकी गलतियों पर हमने खुद को सजाएं देना बंद कर दिया
उनको हमने आज से अपना सहारा समझना बंद कर दिया
उनकी यादों में हमने रात को पहरा देना ही बंद कर दिया............
- पुलकित
