जीर्ण शरीर और दुर्बल काय
सीमित सी है मेरी आय,
हल दिन-रात मेरी चलती जाय
भांति-भांति के अन्न मैंने दिए उगाय,
फिर भी अपने हाथ जब कुछ न पाय
क्या बताऊं, किस तरह फिर जिया जाय ।।
दो बैलों को बनाकर अपना सगा
कई दिन बंजर भूमि पर गला,
सूरज की आंखें खुलने से पहले जगा
पूरा दिन फिर ताप में जला,
हल दिन भर चलाने में रहा लगा
क्या बताऊं, किस तरह से हूं मैं पला ।।
बंजर भूमि की करके सिंचाई
बीज बोने में दिन भर लगाई,
चुगते दाने से चिड़िया भगाई
बचाने को इसे पशुओं से बुतें भी बनाई,
क्या बताऊं, कैसे ये समय है मैंने बिताई ।।
मौसमी फसलों की कर दी बिजाई
इंद्रदेव ने कर दी तब रुसवाई,
नहीं हुई कहीं जब कोई सुनवाई
जलाभाव में मिट्टी फिर सुख आई,
कहीं कोई आस नहीं दी जब दिखलाई
क्या बताऊं, किस बेबसी में खुद को पेड़ से लटकाई ।।
कभी परिस्थितियां जब अनुकूल हो आई
उगते फसलों से फिर हरियाली छाई,
सींचकर पसीने से अन्न पनपाई
पक जाने पर कर दी उनकी कटाई
मेहनत की सही कीमत भी हाथ अपने न आई,
क्या बताऊं, कैसे जोड़े हैं मैंने पाई पाई ।।
हर बार हाटों में सस्ते दाम का रोना रोया
नहीं मिला मुझे वो, जो था मैंने बोया,
इस बार न मेरा चूल्हा रोया
न ही चक्की चुप होकर सोया,
इस बार मेरा उपजाया वो अन्न अंदर तक रोया
क्या बताऊं, सड़ता देख उन्हें मेरा रोम-रोम कब तक न सोया ।।
मुझे मात्र पूंजी ही मेरी चुकाई जाए
पर दुगना दाम तुमसे वसूला जाए,
मेहनत करके तुम्हारे लिए जो अन्न मैंने उगाए
तुम तक पहुंचाना भी वो मुश्किल हो जाए,
आवाज मेरी जब कोई न सुन पाए
क्या बताऊं, किन हाथों से सड़कों पर वो अन्न थे मैंने बहाए ।।
अच्छी फसल लगने जब न पाए
ऋण देने की कई योजनाएं बनाई जाए,
कतार में खड़ा मुझे कराया जाए
जहां ऋण के साथ बीमा भी बेची जाए,
अंगूठा लगवा कर कर्ज तले मुझे दबाया जाए
क्या बताऊं, कंधे में यह भार लिए हल कैसे चलाया जाए ।।
खेती की चिंता संग कर्ज भी जुड़ जाए
दीमक की तरह जो मुझे खोखला करता जाए,
मेरे उगाए अन्न से पेट तुम्हारा भर जाए
पर दो जून की रोटी भी मुझे न मिल पाए,
कर्ज चुकाने में जब असहाय हो जाए
क्या बताऊं, कितनी बार चक्कर काट ऋण माफ कराया जाए ।।
पोषित भारत बनाने को कई बार खुद को मांजा जाए
इन्हीं लहलहाते खेतों से यह सोने की चिड़िया कहलाए,
यहीं से पाकर सिया को जनक थे हर्षाए
जय जवान-जय किसान का नारा सबने थे लगाए,
पर समस्याओं के बादल आज भी न छटने पाए
क्या बताऊं, किस तरह गांवों में बसा भारत मरता जाए ।।
