कुछ तो रहम कर ऐ जिंदगी

क्यों इतना सता रही है,

जानती हूं दर्द साथी है मेरा

तू अलग से क्यों बता रही है,

मुश्किल मोड़ पर लाकर हर बार

अहमियत अपनी जता रही है,

जानती हूं आसान नहीं तू

पर हसीन खुद को दिखा रही है,

कुछ तो रहम कर ऐ जिंदगी

क्यों इतना सता रही है ??