सुंदरता की नयी परिभाषा तुम मेरे जीवन की उत्कट अभिलाषा तुम नदी से बलखाती तेरी कमर अलौकिक तेरा रूप यौवन मूरत सी सूरत सिरत सागर से गहरे तेरे नयन केशुओँ की खुश्बू महक उठा मेरा तन मन अधरामृत की तरनी तुम मीठी तेरी बोली थार के निर्जन में भी जीवन की जननी तुम

सुंदरता की नयी

परिभाषा तुम

मेरे जीवन की

उत्कट अभिलाषा तुम