मेरे दिन और रात में तुम हो मेरी हर साँस में तुम हो अब जो दिलदार हो किसी और की तो सुन लो ! दिल तोड़ना अच्छी बात नही बिखर के निखरना इतना आसान नही थोड़ी सी खुशियां छिनी है बस ! जीने के अरमान नही मेरे दिन और रात में तुम हो मेरी हर साँस में तुम हो पर मुझे तेरा इंतेजार भी नही । अब जो मेहबूब हो किसी औऱ की तो सुन लो ! महज एक तारा हो तुम कोई चाँद नही हाँ मैंने कभी कहा था "रुख़सारो पर यूँ बाल न बिखराया करो बादलो में चाँद कहीं छिप जाता है " पर क्या करे ? इश्क में रेगिस्तान भी उपवन सा नजर आता है ! तुम मेरी जमीन तुम मेरा आसमान हो पर अब जो दिलदार हो किसी और कि तो सुन लो! तेरी रुसवाइयों के किस्से सरेआम हो गए तेरे साथ हम भी बदनाम हो गए कभी शायरों की महफ़िल में मत आ जाना वरना कहोगे नीलाम हो गए । मगर अब जो हमसफर हो किसी और कि फिर भी सुन लो मेरे दिन रात में तुम हो मेरे अंधकार और प्रकाश में तुम हो ।