थे जख्म जितने कुछ भरे कुछ भरने अभी बाकि है , आधा भारत भूखा सोता है , तम-तम मारा फिरता है , हर तम को मिटाये वो दिया जलना बाकि है , हर पेट का भरना बाकि है, जंग अभी जारी है |
बहुत कुछ बदला बहुत बदलना बाकि है , इस गुलशन में गुलो का , मुस्कुराना अभी बाकि है , स्वावलम्बी होने को जंग अभी जारी है | युवान हिंदुस्तान को युवा कोचवान मिलना अभी बाकि है , लाखो भगत सिंह पैदा हुए , आजादो का होना अभी बाकि है | चमन में फ़ैलाने को आजादी की खुश्बू पटेल का आना अभी बाकि है , जंग अभी जारी है जिद्द अभी बाकि है |

