देख के तेरी गाल का तिल , हार गया मैं अपना दिल , पर कह नहीं पता हूँ , देखते ही तुझे , शून्य में चला जाता हूँ | उलझन में पर जाता हूँ | मैं ये फर्क नहीं समझ पाता हूँ , सुन्दर कहुँ या , सुंदरता की परिभाषा | समझो मेरी परेशानी , सुनो मनमोहिनी , कह न पाउँगा , अपने दिल की अभिलाषा , तू क्यों न समझ जाती हैं, मेरे नैनों की भाषा |