बिछड़े दिल , टूटे दरख्तों से पूछो , पतझड़ में बिछड़े , उन पत्तो से पूछो , विरह में दर्द है कितना , कभी हमारे इस दिल से पूछो | मोहब्बत चीज क्या है , चकोर से उस चाँद से पूछो , राधा घनश्याम से पूछो , मोहब्बत चीज क्या है , कभी झाँक के इन निगाहों में , तुम अपने आप से पूछो | तुमने जो किया मोहब्बत था या कुछ और , मिला क नजर आईने से पूछो , मेरी तो हर सांस में है नाम तुम्हारा , इन फ़िज़ाओ इन हवाओं से पूछो , मेरी हर इबादत में तुम हो , रहमान चाहे राम से पूछो | प्यार का फलसफा . शिरीन फरहाद से पूछो , इश्क़ में हो कुर्बान कैसे , शमा में जलते पतंगे से पूछो . प्यार की शमा बुझाने वाले , जी रही मैं कैसे गम के अंधेरों में , इन जुगनुओं से पूछो , होती है तनहाई क्या आके कभी हमसे पूछो | बिछड़े दिल , टूटे दरख्तों से पूछो, विरह में दर्द है कितना , कभी हमारे इस दिल से पूछो |