ऐसा देश हमारा हो गर्व से मस्तक उन्मुख हो ईंढ स्वाभिमान हमारा हो ऐसा देश हमारा हो | ज्यों राजा त्यों प्रजा किसी का इस्तमरार ना हो भोजन भवन हो सर्वसुलभ ना कोई राजा ना कोई रंक | हो ऐसा भारत अखण्ड जैसा था इतिहास हमारा उससे उज्जवल कल हो मिल जाये पश्चिम पूरब में इतने कृतसंकल्प हम हो ऐसा देश हमारा हो | अज्ञान के तम को हटाता घर घर में ज्ञान ज्योत आलोकित हो सूरज की पहली किरण से एक हँसता हुआ सबेरा हो ऐसा देश हमारा हो | फोड़ दो धारा मन में भावो के सारा जग अपना लगने लगे ऐसे कर दो मन के भावो को ऐसा देश हमारा हो ऐसा हिंदुस्तान हो