ऐसा देश हमारा हो
गर्व से मस्तक उन्मुख हो
ईंढ स्वाभिमान हमारा हो
ऐसा देश हमारा हो | ज्यों राजा त्यों प्रजा
किसी का इस्तमरार ना हो
भोजन भवन हो सर्वसुलभ
ना कोई राजा ना कोई रंक |
हो ऐसा भारत अखण्ड जैसा था इतिहास हमारा
उससे उज्जवल कल हो
मिल जाये पश्चिम पूरब में
इतने कृतसंकल्प हम हो
ऐसा देश हमारा हो |
अज्ञान के तम को हटाता घर घर में
ज्ञान ज्योत आलोकित हो
सूरज की पहली किरण से
एक हँसता हुआ सबेरा हो
ऐसा देश हमारा हो |
फोड़ दो धारा मन में भावो के
सारा जग अपना लगने लगे
ऐसे कर दो मन के भावो को
ऐसा देश हमारा हो ऐसा हिंदुस्तान हो