पन्नो पर दर्द जब लिखने लगें
मानो शब्द हमारे चीखने लगें
कोई तारीफ दवा बनके आई
और असर उसके दिखने लगें
वो कौन आया मुस्कुराने लगा
उसे देख कर हम सीखने लगें
-प्रियांशु सिंह


पन्नो पर दर्द जब लिखने लगें
मानो शब्द हमारे चीखने लगें
कोई तारीफ दवा बनके आई
और असर उसके दिखने लगें
वो कौन आया मुस्कुराने लगा
उसे देख कर हम सीखने लगें
-प्रियांशु सिंह