दाग अच्छे हैं।।।।

तुम्हारी पहचान हैं ये

निखार देते हैं तुम्हारी खूबसूरती को

और तुम तो जानती हो , वो जो चाँद है उसमे भी तो दाग है

इसलिए जब भी कोई उठाये सवाल

और फिर से लगा दे एक और दाग तुम्हारे अस्तित्व पे

तो खुद को कमतर मत समझना

क्यूंकि दाग अच्छे है।।।।।।। 


जब तुम निकलती हो ना सड़को पर

अपनी पहचान बनाने, खुद को निखारने

कभी कभी अपने वजूद को बचाने

तो वो छुपी हुई तिरछी आँखों से उठाते हैं कई सवाल

और फिर बड़ीआसानी से लगा देते हैं कई दाग

लेकिन तुम सजा लेती हो उनको अपने दुप्पटे में

क्यूंकि ये दाग बहुत अच्छे हैं

 

तुम छोड कर आती हो अपना सब कुछ

अपना सारा प्यार सौंप कर बनाती हो किसी को अपना

संवारती हो उसके घर को जैसे जन्मो से यही तुम्हारा घर था

मगर तुम्हे पता ही नहीं चलता

की कब तुम्हारा दामन भर गया अनगिनत दागों से

मगर तुम एक एक दाग को चुन कर नयी कविताओं में पिरो देती हो

और फिर से संवार लेती हो खुद को

क्यूंकि तुम जानती हो दाग अच्छे हैं

ये दाग अच्छे हैं़