हे लीलाधर हे कृष्ण हर नारी पर उपकार किया!'s image
Poetry2 min read

हे लीलाधर हे कृष्ण हर नारी पर उपकार किया!

priyamishrapriyamishra October 17, 2021
Share0 Bookmarks 210758 Reads5 Likes

अपने ही घर में रानी को अबला बनाया था

केश खींच दुःशासन जब भरी सभा में लाया था


झुक गए लज्जा से सर नारी सम्मान उछाला था

वीरों की सभा का भयानक वो नजारा था


धर्मराज ने बीच सभा में कौन सा धर्म निभाया था

हार गए खुद को किस अधिकार से पत्नी को दांव लगाया था


हाथ जोड प्रश्न तमाम वो नारी सब अपमान में

बिलक- बिलक पूछ रही हक अपने सम्मान के


फिर जा राजा के पास गुहार कर रही विश्वास से

सर झुक गया राजा का पुत्र मोह अंधकार में


मर्यादा की सीमा भी अब सीमा को थी लांघ गई

असभ्य

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts