ना मेरे जीने का सबब है तू
ना मेरे जिंदगी में अब है तू

निगाहें भी तूझे तलाशती नहीं
अब दिल को नहीं तलब है तू 

आज भी तूझे चाहने वाले लाखों हैं
सच में यार बड़ा गज़ब है तू

आज तेरी ऑंखें मायूस क्यों है
मेरे यादों से ला-बलब है तू

ज़रा माज़ी से मेरे पूछ वो वादा तेरा 
जब झूठ में कहा था मेरा सब है तू