जैसे ही कोई व्यक्तिपरिचित सेआपका अच्छा दोस्त बन जाता हैतभी सेआपके मन में उसके प्रतिसुन्दरता-असुन्दरता के सारे मापदंडसमाप्त हो जाते हैं.