भले ही रिश्ता हमारा
चंद मुलाकातों का था
बिना तुम्हारे ज़िन्दगी मेरी नहीं थमी है
पर
जैसा तुम संग महसूस हुआ
जो अहसास तुमसे मिले,
उनकी तो यहाँ अब भी कमी है
और इसीलिए
तुम्हारा याद आना एकदम लाज़मी है!


भले ही रिश्ता हमारा
चंद मुलाकातों का था
बिना तुम्हारे ज़िन्दगी मेरी नहीं थमी है
पर
जैसा तुम संग महसूस हुआ
जो अहसास तुमसे मिले,
उनकी तो यहाँ अब भी कमी है
और इसीलिए
तुम्हारा याद आना एकदम लाज़मी है!