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दूसरा प्रेम


उधेड़ करदोबारा बनाए गए स्वेटरनहीं बन पाते कभीपहले जैसे स्वाभाविक,चमकदार व गुनगुनेदोबारा किया गया प्रेमभी ऐसा ही होता है।- प्रिया दीक्षित@twilight.tales

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