एक आईने के सामने पसरा हुआ सन्नाटा एक बुझती मोमबत्ती दिपदिपाती लौ का ठण्डा पड़ना हौले हौले और दो जोड़ी आँखें कटोरी में जमे रोली चन्दन की खुशबू से ढलती हुई सी दो तीन टूटी हुई हेयरपिनें सूख रहा कजरौटा शुक्र बाज़ार से खरीदी तीन चार सस्ती लिपस्टिकें खिड़की से झांकता मटमैला चाँद और हरसिंगार पर उर्ध्वाधर होती असंख्य परछाइयां कुछ नम कुछ कहीं दरकता सा कुछ टूटकर बह जाता हुआ चिप्पियाँ उखड़ती वह ड्रेसिंग टेबल उसके वैवाहिक जीवन का एकमात्र विश्वसनीय दस्तावेज है।