मेरे माथे को चूम कर, मुझे गले से लगाता है वो,
मेेरे बिखरे जुल्फों को संवारते हुए, मेरे आंखों को एक टक निहारता है वो,
मैं हार कर हौसला बिखर जाऊं,तो मुझे हौसलों से भर देता है वो,
कोई मुझे नीचा दिखाए,तो सामने ढाल बन कर खड़ा हो जाता है वो,
मैं अपने हालातो से कहीं टूट ना जाऊं, हमेशा मेरे साथ होता है वो,
मैं कभी उससे रूठ जाऊं, तो मुझे गोद में बैठा कर मनाता है वो,
मेरे आंखों में आंसू देख कर, खुद भी मायूस हो जाता है वो,
मेरे चेहरे को देख कर, मेरी तकलीफों का अंदाज़ा लगाता है वो,
मेरे माथे को चूम कर....।


