ख़्वाब टूटे है,नींद रूठी है,अपने रूठे है,पराए रूठे है,दोस्त रूठे है,यार रूठे है,घर छूटे है,परिवार छूटा है,तू रूठी है,हम रूठे है,इतने सब के बाद भी, मेरी सांसें ना रुके है,मेरी सांसें भी जाने के नाम से रूठी है