Poetry 1 min read 783.2K reads

रूठे है सभी


ख़्वाब टूटे है,नींद रूठी है,अपने रूठे है,पराए रूठे है,दोस्त रूठे है,यार रूठे है,घर छूटे है,परिवार छूटा है,तू रूठी है,हम रूठे है,इतने सब के बाद भी, मेरी सांसें ना रुके है,मेरी सांसें भी जाने के नाम से रूठी है

Read more Earn more Learn more