Poetry 1 min read 785.8K reads

दुःख


समय के साथ मुझमे दुःख भरता हैमैं कविताएँ लिखकर समय (दुःख) काटता हूँ

मेरा दुःख मेरी कविताओं केदुःख से भिन्न नहीं

दोनों समय के गोद में पलते हैं,दोनों को स्वीकृति सेअधिक इंकार मिला।

— प्रेम कुमार
Read more Earn more Learn more