समय के साथ मुझमे दुःख भरता है
मैं कविताएँ लिखकर समय (दुःख) काटता हूँ

मेरा दुःख मेरी कविताओं के
दुःख से भिन्न नहीं

दोनों समय के गोद में पलते हैं,
दोनों को स्वीकृति से
अधिक इंकार मिला। 

-प्रेम कुमार