#पुरी तरह कुछ भी बुरा नही है इस दौर में...
पर बेहद बुरा है अच्छे और ख़राब
की पहचान न कर पाना"
बच्चें बड़े होगये है
वो सारे बच्चे मोहल्ले के
4साल के हो या 5साल के
सब बड़े होगये हैं मोबाइलों के साथ
वो सिखातें हैं अभी से
कि कैसे
उनके माँ-बाप "आउटडेटेड" होगये हैं।
और हाथों में फोन थामे वो अपडेटेड हैं
उन्हें सब पता है....
ग़र कुछ नही पता तो ये की
मोहल्ले में डंडा लिए गिल्ली के
पीछे भागना क्या खेल है....
नही पता उन्हें कि...
छुप्पन-छुपाई का मज़ा क्या है।
और हाँ नही जानते वो
कैरम की रानी को
जिसे जितने के लिए
ना जानें कितनी शर्ते लगा करती थीं..।
हाँ उन्हें मोबाईल के दुनियां का
हर खेल पता है।
लूडो से लेकर क्रिकेट तक
वो मोबाईल में ही निपटा लेते है।
और कहीं कोने में पड़ा
बल्ले,कैरम और लूडो अपने आउटडेटेड होने पर अफसोस कर रहें है....।
आँगन में बारिश को रोक कर...
मछली-मछली खेलने का वो दौर कहीं चला गया
सब बड़े होगये पर आँगन सिमटता चला गया...।
#अधुरा_बचपन
©#preeति


