कोई शायर वायर नहीं मैं,
वो तो बात ज़रा लंबी थी तो तेरी ज़ुल्फ़ों में बाँध दी
कोई जादू वादू भी नहीं आता मुझे
वो तो रात जरा बदली थी तो तेरी आँखों में थाम दी


कोई शायर वायर नहीं मैं,
वो तो बात ज़रा लंबी थी तो तेरी ज़ुल्फ़ों में बाँध दी
कोई जादू वादू भी नहीं आता मुझे
वो तो रात जरा बदली थी तो तेरी आँखों में थाम दी