याद नहीं कब आपने अँगुली पकड़ कर चलना सिखाया...
याद नहीं कब आपने काँधे पर बिठा कर मेला दिखाया...
याद नहीं कब आपने रुपए-पैसे का महत्व समझाया...
याद है तो बस आपका हर पल ये कहना
कि चाहे सुख हो या दुख अपनी मुस्कान बनाए रहना ....
-Preet Vohra @ sunounkahi


याद नहीं कब आपने अँगुली पकड़ कर चलना सिखाया...
याद नहीं कब आपने काँधे पर बिठा कर मेला दिखाया...
याद नहीं कब आपने रुपए-पैसे का महत्व समझाया...
याद है तो बस आपका हर पल ये कहना
कि चाहे सुख हो या दुख अपनी मुस्कान बनाए रहना ....
-Preet Vohra @ sunounkahi