Poetry 1 min read 777.2K reads

शराफत


शराफत अपने महबूब कीकिन लफ़्ज़ों में बयां करूं

ये दिल पर कैसा क़र्ज़ हैइसे कैसे मैं अदा करूं

— ✍️Preet Vohra
Read more Earn more Learn more