प्रिय नम्रता,जब भी सब्र मेरा साथ छोड़ देतुम अपनी पकड़ मज़बूत कर लेना
प्रिय नम्रता,
जब भी सब्र मेरा साथ छोड़ देतुम अपनी पकड़ मज़बूत कर लेना