मुट्ठी से रेत की तरह जब फिसल वो जाते हैं
रिश्तों के मायने तभी समझ आते हैं
जिंदगी में जब उनकी कमी हम पाते हैं
रिश्तों के मायने तभी समझ आते हैं
कामयाबी का जश्न जब अकेले ही मनाते हैं
रिश्तों के मायने तभी समझ आते हैं
✍️Preet Vohra @sunounkahi


मुट्ठी से रेत की तरह जब फिसल वो जाते हैं
रिश्तों के मायने तभी समझ आते हैं
जिंदगी में जब उनकी कमी हम पाते हैं
रिश्तों के मायने तभी समझ आते हैं
कामयाबी का जश्न जब अकेले ही मनाते हैं
रिश्तों के मायने तभी समझ आते हैं
✍️Preet Vohra @sunounkahi