एक शायरा जो अपनी हर सोच को 

शब्दों में पिरोकर आपके समक्ष पेश करती है

वो अपने दिल की बादशाह 

अपने शब्दों की बेगम 

और अपनी सोच की गुलाम होती है...


-✍️Preet Vohra@sunounkahi