उनके नाम की मेहंदी अपने हाथों पे रचा केउनके नाम का सिंदूर अपनी माँग में सजा केउनकी लम्बी उमर के लिए व्रत मैं रखूँखाने का पहला निवाला उनके हाथों से चखूँ
उनके नाम की मेहंदी अपने हाथों पे रचा केउनके नाम का सिंदूर अपनी माँग में सजा के
उनकी लम्बी उमर के लिए व्रत मैं रखूँखाने का पहला निवाला उनके हाथों से चखूँ