सजन लाज इश्क की जो रख लेते

ना आती जुदाई ना अश्क बहते


सच्चे लगते थे झूठे नैंन तेरे

जो लूट के ले गए चैन मेरे


बेतहाशा ज़ख्म सहें कैसे

हम साथ तेरे अब रहें कैसे 


मैंने सीख लिया गमों के संग रहना वे

हर पल इस जुदाई को सहना वे


✍️Preet Vohra @sunounkahi