बेरुखी✍️बहुत हुई बेरुखीअब सताना छोड़ दो...मंज़िल अब भी वही हैबस रास्तों को मोड़ दो...
बेरुखी✍️
बहुत हुई बेरुखीअब सताना छोड़ दो...मंज़िल अब भी वही हैबस रास्तों को मोड़ दो...