इन आँखों की गहराइयों को 

बखूबी पढ़ सकते हैं हम ...


कब झलकती है इनमें खुशियाँ 

और हो जाती कब ये नम...


कब होगा इनमें इज़हारे मोहब्बत 

इसी सोच में हर रात जागे हैं हम...


-✍️Preet Vohra @sunounkahi