अकेले है बो और मुस्कुरा रहे है।
मुझे याद करके वो सरमा रहे है।
वो इतने याद क्यो करते है हमको,
मेरे दिल तक उनके पैगाम बार बार आ रहे है।
ये कैसी मोहब्बत की आंधी चली है,
दिये से दिये यू जले जा रहे है।
मेरी मोहब्बत का इतना असर है,
उनको आईने में हम नजर आ रहे हैं।
मेरे आने का इन्तजार कब से उनको,
जो पहुचा तो देखा वो मुझसे ही घवरा रहे है।


