शहर लॉक डाउन 

सड़क सुनसान

जीवन का करो यशगान


पुलिस और हक़ीम

करते नेक काम

इसमें कुछ थोड़े

थोड़े परेशान


जिन्दा मजदूर

आदत से मजबूर

कहती हैं सरकार

रुको मेरे यार

लाता हु तेरे लिए ट्रॉली कार


भूख और प्यास 

फटी हलात

घर फुटपाथ 

मुझको बताओ

मेरे सरकार

कैसे न जाऊ 

मैं अपने दुआर


मेरे भी बच्चे

मेरे परिवार 

क्यूँ मेरी रोटी पर

उसका अधिकार

 

उसके लिए सिर्फ

चलते हर बार

उड़ती सवारी

हवाई कार


बोलो सरकार

बोलो समझदार

चुप क्यों हो 

ऐ नीतिदार 


हमरे अधिकार पर

न ही मानवाधिकार

न ही बनती 

बिगड़ती सरकार .!!